Bihar Vidhan Sabha

In order to trace the genesis of the present day Legislature of Bihar, let us turn the pages of modern history. During the rule of the East India Company, the area of Bihar was made a part of the Bengal Presidency. On 12th December, 1911 the British Emperor George V announced in his Delhi Durbar, the creation of a separate province by combining Bihar and Orissa, with Patna as its headquarter. Sir Charles Stuart Bayley, was appointed as first Lieutenant-Governor of the Province.

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Shri Vijay Kumar Sinha,
Hon'ble Speaker,
Bihar Vidhan Sabha

    इतिहास के पन्नों से ......


गोलघर, पटना

बेजोड़ वास्तुकला का उदाहरण पटना का गोलघर है । गोलघर पटना के बाँकीपुर इलाके में गंगा के निकट अवस्थित है । इसका निर्माण 1786 में किया गया था । इसके निर्माण का उद्देश्य अनाज का भंडारण था ताकि यदि कभी अकाल की स्थिति उत्पन्न हो तो उसका सामना भंडारित अनाज से किया जा सके ।
विशाल गुम्बद के साथ यह गोलाकार संरचना, जिसका नाम गोलघर है, पटना की पहचान है ।

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    माननीय अध्यक्ष महोदय का संदेश......

■ अंत्योदय दिवस-25 सितम्बर
■ भारत में प्रतिवर्ष 25 सितंबर को अंत्योदय दिवस मनाया जाता है इस दिन को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के रूप में मनाया जाता है । यह दिवस भारत सरकार द्वारा 25 सितंबर, 2014 को घोषित किया गया है । अंत्योदय का अर्थ गरीब से गरीब व्यक्ति का उत्थान करना है ।
■ पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक विचारक, इतिहासकार तथा राजनीतिक वक्ता थे । इस अवसर पर देश में रक्तदान शिविर संगोष्ठी तथा सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है । पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक प्रसिद्ध राजनीतिक व्यक्ति तथा विचारक थे । वे जनसंघ के समन्वयक तथा नेता थे । उन्होंने एकीकृत मानवता का समर्थन किया । उन्होंने स्वेदशी एवं लघु स्तरीय औद्योगिकीकरण का समर्थन किया । वे राष्ट्रवादी विचार के समर्थक थे । उन्होंने राष्ट्र धर्म प्रकाशन और मासिक पत्रिका राष्ट्र धर्म की स्थापना की।
■ उन्होंने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित किया एवं दीनदयाल जी द्वारा दिया गया मानवीय एकता का मंत्र हमारे लिए मार्गदर्शक बना हुआ है । अंत्योदय दिवस के अवसर पर मैं दीनदयाल उपाध्याय के मार्गदर्शन और उनकी प्रेरणा को नमन करता हूं ।

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■ विश्व फार्मासिस्ट दिवस-25 सितम्बर
■ विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर मैं सभी फार्मासिस्टों को शुभकामनाएं देता हूं । प्रत्येक वर्ष 25 सितम्बर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है । विश्व फार्मासिस्ट दिवस दुनिया के सभी फार्मासिस्टों के सम्मान में मनाया जाता है । इस्तांबुल, तुर्की में इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (एफ0आई0पी0) कांग्रेस ने 25 सितम्बर, 2009 को वार्षिक विश्व फार्मासिस्ट दिवस के रूप में नामित किया है । देश के हर कोेने में स्वास्थ्य में सुधार के लिए फार्मासिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण है ।
■ विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2021 की थीम ‘‘फार्मेसी हमेशा आपके स्वास्थ्य के लिए विश्वसनीय’’ रखी गयी है । यह दिवस अपने समुदायों में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य को बदलने में फार्मासिस्टों की भूमिका के बारे में जानने का अवसर प्रदान करता है जिससे स्वास्थ्य, बीमारी को रोकने के लिए टीकाकरण और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि दवाएं सही तरीके से ली जाती हैं जिससे बीमारियों का अच्छी तरह से प्रबंधन और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है । यह दिवस मनाने से लोगों के जीवन को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित और प्रभावी दवाएं और टीके विकसित करने में फार्मासिस्ट की भूमिका की भी याद आती है ।
■ दुनिया भर के फार्मासिस्ट कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लोगों को उनकी जरूरत की दवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं । हमें इस कठिन समय में फार्मासिस्टों के प्रयासों के लिए आभारी होना चाहिए ।

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    माननीय सदस्यों एवं राज्य की जनता से अपील.....

भय बीमारी को बढ़ा देता है। हम सभी योद्धाओं को युद्ध के मैदान में जाने के पहले अपने अस्त्र-शस्त्र और प्रतिरोधात्मक क्षमता से सुसज्जित होकर कोरोना महायुद्ध से लड़ना है।डरना नहीं लड़ना है । सतर्कता और सावधानी के साथ युद्ध जीतकर समाज राष्ट्र की रक्षा करने का संकल्प लेना है।

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