Bihar Vidhan Sabha

In order to trace the genesis of the present day Legislature of Bihar, let us turn the pages of modern history. During the rule of the East India Company, the area of Bihar was made a part of the Bengal Presidency. On 12th December, 1911 the British Emperor George V announced in his Delhi Durbar, the creation of a separate province by combining Bihar and Orissa, with Patna as its headquarter. Sir Charles Stuart Bayley, was appointed as first Lieutenant-Governor of the Province.

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Shri Vijay Kumar Sinha,
Hon'ble Speaker,
Bihar Vidhan Sabha

    इतिहास के पन्नों से ......


गोलघर, पटना

बेजोड़ वास्तुकला का उदाहरण पटना का गोलघर है । गोलघर पटना के बाँकीपुर इलाके में गंगा के निकट अवस्थित है । इसका निर्माण 1786 में किया गया था । इसके निर्माण का उद्देश्य अनाज का भंडारण था ताकि यदि कभी अकाल की स्थिति उत्पन्न हो तो उसका सामना भंडारित अनाज से किया जा सके ।
विशाल गुम्बद के साथ यह गोलाकार संरचना, जिसका नाम गोलघर है, पटना की पहचान है ।

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    माननीय अध्यक्ष महोदय का संदेश......

■ विश्व गर्भ निरोधक दिवस-26 सितम्बर
■ प्रत्येक वर्ष 26 सितम्बर को विश्व गर्भ निरोधक दिवस मनाया जाता है । इसकी शुरुआत पहली बार वर्ष 2007 में हुई थी । विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई अंतर्राष्ट्रीय सरकारी और गैर सरकारी संगठन गर्भ निरोधक, परिवार नियोजन और महिलाओं की सेहत के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व गर्भ निरोधक दिवस मनाते हैं । इस वार्षिक जागरूकता अभियान का उद्देश्य महिलाओं को बेहतर प्रजनन, स्वास्थ्य से जुड़े विकल्प चुनने के लिए सक्षम और सशक्त बनाना है ।
■ यौन स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य और गर्भ निरोधक के उपयोग को लेकर लोगों के बीच जानकारी की कमी है । आज आवश्यकता है कि लोगों के बीच गर्भ निरोधक के तरीके के प्रति लोगों को जागरुक बनाया जाय ताकि महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके ।

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■ विश्व नदी दिवस-26 सितम्बर
■ प्रत्येक वर्ष 26 सितम्बर को विश्व नदी दिवस मनाया जाता है । संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इस दिवस का उद्देश्य लोगों में नदियों के प्रति जागरूकता फैलाना है । जिससे दुनिया भर के लोगों में नदी के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता पैदा हो सके । दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां नदियाँ उनकी जीवन रेखा है और लोगों का जीवन और अर्थव्यवस्था पूरी तरह से इन नदियों पर निर्भर है ।
■ नदियों का मानव जीवन में उतना ही महत्व है जितना पानी का है । दुनिया की बहुत सारी आबादी नदियों के आस-पास है । पीने के पानी का प्रमुख स्रोत होने के साथ ही यह बहुत से उद्योगों का आधार है जिनका पानी के बिना चलना नामुमकिन है । खेतों में सिंचाई और उनमें उर्वर मिट्टी प्रदान करने का कारण है नदियों के आस पास के खेत बहुत उपजाऊ होते हैं जो इलाके की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं ।
■ नदियों का महत्व केवल इंसान के लिये ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिये भी बहुत अधिक है । नदियाँ इकोसिस्टम के चलने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं । यूं तो नदियों की उम्र बहुत ही लंबी होती है, लेकिन इंसानी गतिविधियाँ नदियों के अस्तित्व को खतरे में डाल रही हैं ।
■ नदियों का महत्व यातायात के लिहाज से भी अहम रहा है । पूर्व में नदियाँ जमीन के मुकाबले यात्रा का आसान जरिया रही हैं और कुछ हद तक वह आज भी कायम है । इस तरह से नदियाँ विभिन्न संस्कृतियों के संगम के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं ।

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    माननीय सदस्यों एवं राज्य की जनता से अपील.....

भय बीमारी को बढ़ा देता है। हम सभी योद्धाओं को युद्ध के मैदान में जाने के पहले अपने अस्त्र-शस्त्र और प्रतिरोधात्मक क्षमता से सुसज्जित होकर कोरोना महायुद्ध से लड़ना है।डरना नहीं लड़ना है । सतर्कता और सावधानी के साथ युद्ध जीतकर समाज राष्ट्र की रक्षा करने का संकल्प लेना है।

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