इतिहास के पन्नों से......

दिनांक 14.01.2021

दिनांक 12.01.2021


स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद
अवतरण-12-01-1863
महाप्रयाण-04-07-1902
विश्व धर्म सम्मेलन, शिकागो में प्रथम व्याख्यान -11-09-1893,
विश्व धर्म सम्मेलन, शिकागो में अंतिम व्याख्यान -27-09-1893
रामकृष्ण मिशन की स्थापना -01-05-1897 ।
भारत के शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक इतिहास को एक नई दृष्टि से देखने के प्रेरणास्रोत महान आध्यात्मिक विभूति स्वामी विवेकानंद की आज जयंती है । भारत ही नहीं विश्व क्षितिज पर ज्ञान के प्रकाशपुंज स्वामी विवेकानंद ने भारत को आत्मगौरव प्रदान किया और सम्पूर्ण मानवजाति को चरित्र निर्माण का संदेश दिया ।
प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है क्योंकि उन्हें युवाओं के आदर्श के रूप में देखा जाता है । हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा भी स्वामीजी को ध्यान में रखकर ‘फिट यूथ फिट इंडिया’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है ।
स्वामीजी के वचन हमारे लिये आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं जिनमें से कुछ निम्नांकित हैं:
*संस्कृति वस्त्रों में नहीं चरित्र के विकास में है ।
*यह कभी मत कहो कि मैं कुछ नहीं कर सकता क्योंकि आप अनंत हैं, आप कुछ भी कर सकते हैं ।
*आप जोखिम लेने से भयभीत न हों, यदि आप जीतते हैं तो नेतृत्व करते हैं और यदि हारते हैं तो दूसरों का मार्गदर्शन कर सकते हैं ।
*कुछ भी ऐसा जो आपको शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से कमजोर बनाता हो उसे जहर के समान मान कर नकार देना चाहिए ।
*पवित्रता, धैर्य और दृढ़ता यह तीनों सफलता के लिए परम आवश्यक हैं ।
*सच्चाई के लिए कुछ भी छोड़ देना चाहिए पर किसी के लिए भी सच्चाई को नहीं छोड़ना चाहिए ।
*देश के युवाओ, तुम उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते ।
*जिस प्रकार सभी धाराएं अपने जल को सागर में ले जाकर मिला देती हैं उसी प्रकार मनुष्य को सारे धर्म ईश्वर की ओर ले जाते हैं ।