इतिहास के पन्नों से......

दिनांक 17.02.2021


स्वर्गीय जननायक कर्पूरी ठाकुर


स्वर्गीय जननायक कर्पूरी ठाकुर
जन्मतिथि-24 जनवरी 1924,
मृत्यु -17 फरवरी 1988

दिनांक 16.02.2021


वसंत पंचमी


वर दे, वीणावादिनि वर दे!
प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव
भारत में भर दे!
काट अंध-उर के बंधन-स्तर
बहा जननि, ज्योतिर्मय निर्झर;
कलुष-भेद-तम हर प्रकाश भर
जगमग जग कर दे!
नव गति, नव लय, ताल-छंद नव
नवल कंठ, नव जलद-मन्द्ररव;
नव नभ के नव विहग-वृंद को
नव पर, नव स्वर दे!

तमसो मा ज्योतिर्गमय अर्थात् मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो ।

दिनांक 31.01.2021


डाॅ0 श्रीकृष्ण सिंह


डाॅ0 श्रीकृष्ण सिंह
बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री
जन्म -21 अक्टूबर 1887
मृत्यु - 31 जनवरी,1961

दिनांक 30.01.2021


महात्मा गांधी

महात्मा गांधी
जन्म- 2 अक्टूबर, 1869 पोरबंदर, ब्रिटिश शासनकाल
मृत्यु- 30 जनवरी, 1948 नई दिल्ली, स्वतंत्र भारत
महत्वपूर्ण कथन:-
■ God is truth. The way to truth lies through "ahimsa" (non violence) 13.3.27.
■ अफवाह सुनना नहीं, सुनना तो मानना नहीं ।

दिनांक 26.01.2021


गणतंत्र दिवस

26.11.1949 - संविधान सभा द्वारा अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित ।
26.01.1950 - भारत में लागू ।
प्रस्तावना:-
हम भारत के लोग,भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य के लिये तथा उस के समस्त नागरिकों को: सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिये तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता सुनिश्चित करनेवाली बन्धुता बढ़ाने के लिये दृढ़ संकल्प हो कर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर,1945 ई0 (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हजार छः विक्रमी) को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं ।

दिनांक 24.01.2021


स्वर्गीय जननायक कर्पूरी ठाकुर

स्वर्गीय जननायक कर्पूरी ठाकुर
जन्मतिथि-24 जनवरी 1924,
मृत्यु -17 फरवरी 1988
महत्वपूर्ण पंक्तियां- (1) यदि जनता के अधिकार कुचले जाएंगे तो जनता आज न कल संसद के विशेषाधिकार को चुनौती देगी ।
(2) अधिकार चाहो तो लड़ना सीखो, पग पग पर अड़ना सीखो, जीना है तो मरना सीखो।

दिनांक 23.01.2021


नेताजी सुभाषचंद्र बोस

नेताजी सुभाषचंद्र बोस
जन्मतिथि-23 जनवरी 1897
चर्चित वाक्य- (1)तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।
(2) जय हिन्द ।
आजाद हिन्द फौज की स्थापना।
21 अक्टूबर 1943 को स्वतंत्र भारत की अस्थाई सरकार बनाई जिसे जर्मनी जापान सहित 11 देशों की सरकारों ने मान्यता दी।

दिनांक 20.01.2021


गुरु गोविंद सिंहजी

गुरु गोविंद सिंहजी
अवतरण - पौष शुक्ल सप्तमी,विक्रम संवत-1723 (22 दिसंबर 1666)
निर्वाण - आश्विन विक्रम संवत-1765 (7 अक्टूबर 1708)
11 नवंबर 1675 को गुरु घोषित किये गये
खालसा पंथ की स्थापना- 1699
गुरू ग्रंथ साहिब को पूरा किया गया ।
महत्वपूर्ण वचन -
सवा लाख से एक लड़ाउं,
चिडियन ते मैं बाज तुडाउं
तबै गुरू गोविंद सिंह नाम कहाउं ।
भै काहू को देत नहीं, नहिं भय मानत आन
अर्थात् किसी को डराओ मत तथा किसी से डरो मत ।

दिनांक 14.01.2021


मकर संक्रांति

आज 14 जनवरी मकर संक्रांति का दिन है । संक्रांति का शब्दिक अर्थ है- संचरण । आज सूर्यदेव मकर राशि में गमन करते हैं इसीलिए इस दिन को मकर संक्रांति कहा जाता है । ऐसी मान्यता है कि आज से अगले छः माह तक सात्विक वृत्तियों की प्रधानता रहती है ।

दिनांक 12.01.2021


स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद
अवतरण-12-01-1863
महाप्रयाण-04-07-1902
विश्व धर्म सम्मेलन, शिकागो में प्रथम व्याख्यान -11-09-1893,
विश्व धर्म सम्मेलन, शिकागो में अंतिम व्याख्यान -27-09-1893
रामकृष्ण मिशन की स्थापना -01-05-1897 ।
भारत के शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक इतिहास को एक नई दृष्टि से देखने के प्रेरणास्रोत महान आध्यात्मिक विभूति स्वामी विवेकानंद की आज जयंती है । भारत ही नहीं विश्व क्षितिज पर ज्ञान के प्रकाशपुंज स्वामी विवेकानंद ने भारत को आत्मगौरव प्रदान किया और सम्पूर्ण मानवजाति को चरित्र निर्माण का संदेश दिया ।
प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है क्योंकि उन्हें युवाओं के आदर्श के रूप में देखा जाता है । हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा भी स्वामीजी को ध्यान में रखकर ‘फिट यूथ फिट इंडिया’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है ।
स्वामीजी के वचन हमारे लिये आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं जिनमें से कुछ निम्नांकित हैं:
*संस्कृति वस्त्रों में नहीं चरित्र के विकास में है ।
*यह कभी मत कहो कि मैं कुछ नहीं कर सकता क्योंकि आप अनंत हैं, आप कुछ भी कर सकते हैं ।
*आप जोखिम लेने से भयभीत न हों, यदि आप जीतते हैं तो नेतृत्व करते हैं और यदि हारते हैं तो दूसरों का मार्गदर्शन कर सकते हैं ।
*कुछ भी ऐसा जो आपको शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से कमजोर बनाता हो उसे जहर के समान मान कर नकार देना चाहिए ।
*पवित्रता, धैर्य और दृढ़ता यह तीनों सफलता के लिए परम आवश्यक हैं ।
*सच्चाई के लिए कुछ भी छोड़ देना चाहिए पर किसी के लिए भी सच्चाई को नहीं छोड़ना चाहिए ।
*देश के युवाओ, तुम उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते ।
*जिस प्रकार सभी धाराएं अपने जल को सागर में ले जाकर मिला देती हैं उसी प्रकार मनुष्य को सारे धर्म ईश्वर की ओर ले जाते हैं ।